इंदौर के देवगुराड़िया में गोबर-धन संयंत्र की शुरुआत कूड़ा आने पर नहीं, घर और बाजार में गीला हिस्सा अलग होने से होती है। 18 फरवरी 2022 की प्रधानमंत्री कार्यालय की टिप्पणी के अनुसार संयंत्र को रोज 550 टन अलग किए जैविक कचरे के उपचार के लिए बनाया गया। घोषित उत्पादन क्षमता प्रतिदिन लगभग 17,000 किलो सीएनजी और 100 टन जैविक खाद थी। यानी प्लास्टिक मिला कूड़ा इस तकनीक का उचित कच्चा माल नहीं; लगातार साफ गीला प्रवाह इसकी पहली शर्त है।
गैस बनाने के साथ खरीदार भी तय
परियोजना के लिए इंदौर क्लीन एनर्जी नाम की विशेष कंपनी नगर निगम और निजी भागीदार ने पीपीपी में बनाई। 2022 के रिकॉर्ड में निजी कंपनी का पूरा 150 करोड़ रुपये पूंजी निवेश और नगर निगम द्वारा कम-से-कम 50 प्रतिशत गैस खरीदने की व्यवस्था दर्ज है। उसी समय इस ईंधन से 400 सिटी बस चलाने की योजना बताई गई। इस जोड़ का अर्थ व्यावहारिक है: नगर निकाय कच्चा माल पहुंचाता है और तैयार गैस का स्थिर स्थानीय खरीदार भी बनता है। बची गैस खुले बाजार में और खाद खेती या बागवानी में जा सकती है।
क्षमता, उत्पादन और ताजा स्थिति
19 सितंबर 2024 की जल शक्ति मंत्रालय की विज्ञप्ति संयंत्र को चालू बताकर 17,000 किलो जैव-सीएनजी और 100 टन खाद प्रतिदिन बनाने का विवरण दोहराती है। 23 मार्च 2026 को आयोजित सरकारी मीडिया-दौरे की रिपोर्ट भी संचालन की पुष्टि करती है। हालांकि वही नया दस्तावेज डिजाइन को 500 टन गीला कचरा प्रतिदिन और निवेश 156 करोड़ रुपये लिखता है, जबकि उद्घाटन रिकॉर्ड 550 टन और 150 करोड़ कहता था। ये आधिकारिक आंकड़े एक जैसे नहीं हैं; इसलिए 550 टन को मूल घोषित क्षमता और 500 टन को 2026 का वर्णन कहना सही है। दोनों रिकॉर्ड का साझा निष्कर्ष यह है कि यहां कचरा, गैस, खाद और नगर परिवहन एक अनुबंधित स्थानीय चक्र में जुड़े हैं।
मुख्य बातें
- फरवरी 2022 की परियोजना क्षमता प्रतिदिन 550 टन अलग गीला कचरा, 17,000 किलो सीएनजी और 100 टन जैविक खाद बताई गई थी।
- पीपीपी में निजी भागीदार ने पूंजी लगाई और नगर निगम ने कम-से-कम आधी गैस खरीदने की जिम्मेदारी ली।
- सितंबर 2024 का सरकारी विवरण उत्पादन जारी बताता है; मार्च 2026 की विज्ञप्ति में क्षमता और लागत के आंकड़े पुराने रिकॉर्ड से थोड़ा अलग हैं।
स्रोत और संदर्भ
- Press Information Bureau, Prime Minister's Office · PM to inaugurate municipal solid waste based Gobar-Dhan plant in Indore ↗18 फ़रवरी 2022
- Press Information Bureau, Ministry of Jal Shakti · Transforming Waste into Wealth with Asia’s Largest Bio-CNG Plant ↗19 सितंबर 2024
- Press Information Bureau, Ministry of Information & Broadcasting · Chhattisgarh Media Delegation Visits India’s Largest 'Gobar-Dhan' Bio-CNG Plant in Indore ↗23 मार्च 2026
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 15 सितंबर 2026।



