जलाशय पर काम करने वाले मछुआरे की कमाई अक्सर पकड़ से नापी जाती है; पारिश्रमिक दर उस कमाई का दूसरा हिसाब है। 12 नवंबर 2025 को भोपाल के भदभदा मत्स्य प्रक्षेत्र में मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ (सहकारी मर्यादित) की 28वीं वार्षिक साधारण सभा में मछुआ कल्याण एवं मत्स्य विकास राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार ने पारिश्रमिक दरें बढ़ाने की घोषणा की।
बढ़ोतरी का आँकड़ा, दर की राशि नहीं
मंत्री ने बताया कि यह संशोधन लगभग चार साल बाद हुआ है और इससे राज्यभर के मछुआरों को हर साल करीब 3 करोड़ रुपये की अतिरिक्त आय होगी। विज्ञप्ति पुरानी दर, नई दर या प्रति किलो/प्रति दिन की राशि नहीं लिखती। इसलिए 3 करोड़ का आँकड़ा घोषणा का अनुमान है; इससे प्रत्येक समिति या प्रत्येक मछुआरे की नई मजदूरी नहीं निकाली जा सकती।
सभा में समीक्षा और मंजूरी
सभा में महासंघ के जलाशयों में कार्यरत मछुआ सहकारी समितियों के प्रतिनिधियों ने प्रस्तावों को कर्तल ध्वनि से स्वीकृति दी। बीते वर्ष की भौतिक और वित्तीय उपलब्धियों की समीक्षा हुई और नए वित्तीय वर्ष के लक्ष्य मंजूर किए गए। बैठक में प्रबंध संचालक निधि निवेदिता, आयुक्त एवं पंजीयक सहकारिता और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण सहित कई विभागों के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मुख्य महाप्रबंधक रवि कुमार गजभिये ने अतिथियों, काम-काज समिति और सहकारी प्रतिनिधियों का आभार जताया। उपलब्ध विवरण सभा, घोषणा और उपस्थिति तक का है। नई दर कब खाते में पहुँची या किन जलाशयों में लागू हुई, इसका ब्योरा इस विज्ञप्ति में नहीं है।
मुख्य बातें
- घोषणा मध्य प्रदेश मत्स्य महासंघ की 28वीं वार्षिक साधारण सभा में भदभदा मत्स्य प्रक्षेत्र, भोपाल में हुई।
- राज्यमंत्री नारायण सिंह पंवार के अनुसार संशोधन लगभग चार साल बाद है और इससे सालाना करीब 3 करोड़ रुपये अतिरिक्त आय बताई गई।
- विज्ञप्ति पुरानी या नई पारिश्रमिक दर की राशि नहीं देती; सभा में पिछले वर्ष की समीक्षा और नए लक्ष्यों की मंजूरी भी दर्ज है।
स्रोत और संदर्भ
- मध्य प्रदेश जनसंपर्क · राज्यमंत्री श्री पंवार ने की मछुआ पारिश्रमिक दरों में वृद्धि की घोषणा ↗12 नवंबर 2025
सार्वजनिक प्राथमिक स्रोतों पर आधारित संपादित लेख। स्रोत जाँच: 18 सितंबर 2026।



